7

सब्र हमसे

सब्र हमसे करा लिया था तब
सब्र अब आपको करना पड़ेगा
ऐसी जल्दी भी क्या मुहोब्बत में
पास एक इम्तहान करना पड़ेगा

पहले कर लूँ यकीं कि है या नहीं
आपको प्यार इस दीवाने से
जैसे जलता रहा है वो अब तक
इश्क कि आग में जलना पड़ेगा

है मज़ा इश्क में तभी सुनिए
आग दोनों तरफ बराबर हो
जलके हो जाए ख़ाक परवाना
शम्मा को आग में गलना पड़ेगा

कैसे पूजा करूँगा मैं उसकी
जो अभी सिर्फ एक पत्थर है
होगी तकलीफ भी मगर उसको
मेरी मूरत में ही ढालना पड़ेगा

**************

पर्वतों से गीत ले, ले वादियों से रागिनी
निर्झर जब गाता चलता है
कल कल छल छल कि मधुर ध्वनि से
पत्थर ह्रदय पिघलता है
0

मुझे पुकारो

छलका दे आँखों से आंसू
भावी,गीत सुना जब कोई
मुझको जानो वह बंजारा
खोज रहा जो तुम्हें स्वप्न में

हर जन्म में हम तुम मिलते रहे
इस जन्म में तुमसे मिल ना सका मैं
तुम्हें खोजता भटक रहा हूँ
मृग मरीचिका में स्वप्नों कि

कहाँ छिपी हो कौन देश में
कौन रूप में कौन वेश में
अब तो बदली से बाहर आओ
शशि मुख अपना दिखलाने को

मेरे प्राण बसे हैं तुममें
देह यहाँ पर तड़प रही है
ओ, अनदेखी, ओ,मन देखी
आज कहीं से मुझे पुकारो

***************


सबने मुस्काते हुए देखा मुझे
एकांत में रोता ना कोई देख पाया
दर्द का मेरे कहाँ, किसको पता
घाव कैसा है कहाँ किसने लगाया
3

थका -थका हूँ सफ़र में कहीं आराम मिले

थका -थका हूँ सफ़र में कहीं आराम मिले
अभी पता है, ना जाने कहाँ मुकाम मिले

एक कोमा ज़रूरी है जब तक
लिखने वाले को एक कलाम मिले

यूँ तो मिलने को मिल चुके लाखों
ठगने वाले मगर तमाम मिले

जिनसे उम्मीद थी नहीं दिल को
वो ही हाथों में हाथ थाम मिले

हमने मांगी थी उनसे आब-ए-हयात
अपने हिस्से में सिर्फ जाम मिले

ये ही हसरत लिए सफ़र को चले
आज शायद सुबह से शाम मिले

गलत पता ना था उनका "स्वप्न" तलाश करी
ना वो वहां थे , ना उनके निशान-ओ-नाम मिले

*******************

मैं इसी जगह पर तुम्हें खोजने आऊंगा
मैं इसी जगह पर गीत विरह के गाऊंगा
मैं इसी जगह पर रो लूँगा तन्हाई में
मैं इसी जगह पर तड़प तड़प मर जाऊँगा
7

कितनी पी है.............

कितनी पी है जनाब मत पूछो
अब भी जीवन में प्यास है बाकी
दिल मेरा तूने कितना बहलाया
दिल तो अब भी उदास है साकी

अब भी कोई कमी है जीवन में
गम मेरे आस पास है साकी
गम मुझे जान से भी प्यारा है
गम में कोई मिठास है साकी

यूँ तो कोई नहीं है पास मेरे
पर कोई दिल के पास है साकी
किसकी आती है याद रह रह कर
इसकी क्या वजह ख़ास है साकी

किसको मैं ढूंढता हूँ ख़्वाबों में
मुझको किसकी तलाश है साकी
कब हकीकत में ख्वाब बदलेगा
मुझको अब भी क्यूँ आस है साकी

कितनी पी है................


*******

आज कैसे रोक पाऊंगा प्रिये
अपनी  जुबाँ  को
आज गाना चाहता है दिल
कोई गम का तराना.


******
4

मुझको जानोगे..............

मुझको जानोगे तुम मेरे जाने के बाद
पहचानोगे तुम खो जाने के बाद

है हकीकत यही  के भरोसा नहीं
तुमको मुझपर मेरे प्यार की बात पर
तुम ना मानो तुम्हारी है जिद गर यही
मेरी मानोगे तुम मेरे जाने के बाद
मुझको जानो.........................

मुझको ढूंढोगे गलियों में बाज़ार में
मुझको ढूंढोगे सपनों के संसार में
हाँ इसी बेरुखी की कसम है तुम्हें
ख़ाक छानोगे तुम मेरे जाने के बाद
मुझको जानो.......................

मेरे नज़दीक से मुझसे नज़रें चुरा
जा रहे हो किसी अजनबी की तरह
मेरी बाहों में आने की एक दिन मगर
दिल में थानोगे तुम मेरे जाने के बाद
मुझको जानो............................

***************

पास आकर भी पास आ ना सके
हाल-ए-दिल आपको सुना ना सके
मुस्कुराने की बात क्या कीजे
अश्क पलकों से एक गिरा ना सके
4

आपके नज़दीक

आपके नज़दीक आने का बहाना चाहिए
जिसमें बुन लूँ आपको वो ताना बाना चाहिए

दोस्त जिसमें तुम ही तुम हो और तुम्हारी बात हो
और तुमको ही सुनाऊं वो तराना चाहिए,
आपके नज़दीक............

कैसी जिद है आपकी कुछ सोचकर तो बोलिए
इश्क-ए-हकीकी या मिज़ाजी है अजी कुछ खोलिए
सामने मैं हूँ मगर तुमको दीवाना चाहिए.
आपके नज़दीक...............

जाम-ए-उल्फत पीते पीते पी गए आब-ए-हयात
मैं समाऊं आप में करते हो क्यूँ छोटी सी बात
अब तो जानम आपको मुझमें समाना चाहिए
आपके नज़दीक....................

************


दिल की मजबूरी सही जाती नहीं
तुझसे अब दूरी सही जाती नहीं
लब तलक आती है दिल की बात तो
हाय! क्यूँ फिर भी कही जाती नहीं

7

नजराना समझिये हमको

देखिये और ना बेगाना समझिये हमको
प्यार से देखिये , दीवाना समझिये हमको

हमसे अब छोड़ भी दो शर्म-ओ-हया जान-ए-जिगर
शम्मां हैं आप तो परवाना समझिये हमको

जो सुराही के लिए छान रहा मैखाने
प्यासा भटका हुआ पैमाना समझिये हमको

जिसको अल्लाह ने भेजा है तुम्हारी खातिर
वो ही नाचीज़ सा नजराना समझिये हमको

जिसमें राधा का कन्हैया से मिलन होता है
उससे मिलता हुआ अफसाना समझिये हमको


*****************

तस्वीर तेरी दिल में छुपाये हुए हैं  हम
अरसे से तुझको अपना बनाए हुए हैं हम
नज़रें उठा के तू कभी देखेगी इस तरफ
बरसों से यही आस लगाए हुए हैं हम
*

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4

एक दिन

रह ना सकोगे दूर ह्रदय से तुम कितनी भी दूर रहो
पास नहीं आते ना आओ , बेशक यूँ मगरूर रहो

एक दिन तो तुम्हें मेरी भी याद सताएगी
बैठोगे अगर तनहा तो तुमको रुलाएगी . एक दिन............

वो बीते हुए लम्हे जो साथ मेरे गुजरे
ख़्वाबों की शकल लेकर, पलकों में समायेंगे
वो प्यार भरे नगमे जो साथ मेरे गाये
दे दे के सदा तुमको नींदों सर जगायेंगे
जब चांदनी सीने में एक आग लगायेगी. एक दिन...............

जब रात यूँही सारी पलकों में गुजारोगे
बहते हुए अश्कों को आँचल में उतारोगे
कुछ बोल ना पाओगे पर दिल से सदा देकर
मौन की भाषा में फिर मुझको पुकारोगे
तब रूह मेरी तुमको , सीने से लगायेगी
एक दिन........................................................

***************

किसी के ख्यालों में खुद को भुलाकर
मैं गाता हुआ कुछ कहे जा रहा हूँ
ये टूटा हुआ दिल ना शीशा बने फिर
मैं टुकडों के टुकड़े किये जा रहा हूँ.




3

देखते देखते..............................

देखते-देखते हम बदल जायेंगे,
तुम बदल  जाओगे
सब बदल जायेंगे.  देखते देखते.........
देखते देखते.......................

होके तुमसे जुदा जाने कब फिर मिलें
ना ये तुमको पता ना ये हम जानते
कारवां तो रहेगा यही मेरे दोस्त
हम बदल जायेंगे तुम बदल जाओगे
सब बदल जायेंगे , देखते देखते....................
देखते देखते........................

जिंदगी की डगर में  अचानक अगर
आप हमसे मिले , देख लेना मगर
बदलेगा ये जहाँ, औ जमीं साथ में
हम बदल जायेंगे तुम बदल जाओगे
सब बदल जायेंगे , देखते देखते
देखते देखते..........................


प्यार की रात है, प्यार की बात है
प्यार की आज तुमको ये सौगात है
प्यार बदले नहीं हो अगर दिल में प्यार
ये बदलता नहीं गौर कर मेरे यार
हाँ गुजरने को ये दिन गुजर जायेंगे,
हम बदल जायेंगे तुम बदल जाओगे
सब बदल जायेंगे , देखते देखते,
देखते देखते..............................

*********************

जिंदगी का यकीं कैसे करूँ
बेवफा बावफा नहीं होती
मौत आएगी उसको आना है
वो वफादार है हमेशा से
3

याद

याद याद बस, याद याद बस, याद याद बस याद
दिल में तेरी याद और है लब पर ये फरियाद

घर दफ्तर में और सफ़र में
हर पल  तू ही तू है नज़र में
चली गई तू मगर  गई ना
दिल से तेरी याद .          याद याद .....................

दिल उजड़ा है घर उजड़ा है
धरती और अम्बर उजड़ा है
उजड़ा मेरा जहाँ, कहाँ तक
होगा ये बर्बाद.             याद याद.......................

थक गया सदायें दे देकर
तुझे मन मन कर मैं हारा
पिघला नहीं अभी तक तेरा
दिल है या फौलाद .     याद याद.........................

दीवाना हो गया तेरा
परवाना हो गया तेरा
तन-मन मेरा फूँक दे मुझको
कर दे अब आज़ाद...............याद याद.............

******************

तेरे ख़याल को दिल से भुला नहीं सकता
सदायें दे के भी तुझको बुला नहीं सकता
वफ़ा की राह में मजबूर इस कदर हूँ मैं
यकीं वफ़ा का भी अपनी दिला नहीं सकता


*******************


6

मैं खुद को रोक नहीं पाता हूँ

मैं खुद को रोक नहीं पाता हूँ
तेरी और खिंचा आता हूँ

कोई चुपके से आ मुझसे , कानों में कुछ कह जाता है
मेरा तुझसे जनम जनम का प्यार का ये पावन नाता है
एकाकी होकर भी, तुझको, बहुत निकट अपने पाता हूँ
मैं खुद को रोक नहीं  पाता हूँ .................................


निकट तेरे आकर भी मेरे, मन की प्यास नहीं बुझती है
तुझसे मिलन नहीं होता जब पीर और ज्यादा उठती है
नहीं मिलूंगा कभी मैं तुझसे बार बार क़समें खाता हूँ
मैं खुद को रोक नहीं पाता हूँ ......................................



विरह पीर उठते ही दिल में, मेरा वियोगी मन रोता है
थका थका सा प्यार सुनहरे , सपनों की लाशें ढोता है
किसकी खातिर , कैसे इतना,दर्द, प्रिये, मैं सह जाता हूँ 
मैं खुद को रोक नहीं  पाता हूँ .................................

**********************



कच्चे धागे से बंधे चले आयेंगे हुज़ूर कच्चे धागे से
प्यार के नशे में चले आयेंगे हुज़ूर भागे भागे से
ये प्यार का बंधन है , ना तोड़ सका कोई,
इस बहते दरिया को ना मोड़ सका कोई
एक बार प्यार करके ना छोड़ सका कोई
नींद उड़ जायेगी , तब आयेंगे हुज़ूर जागे जागे से.


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9

मेरे ख़्वाबों को..................................

मेरे ख्वाबों को हकीकत में बदलने वाले
मेरे हमराज़ मेरे साथ में चलने वाले

हमसफ़र साथ में चलना ना कहीं खो जाना
मेरे अपने, तू कहीं गैर नहीं हो जाना
प्यार की लौ में मेरे साथ में जलने वाले
मेरे ख़्वाबों को..................................

दूर मंजिल है तो क्या , तू है तेरा साथ तो है
मेरे हाथों में मेरे दोस्त तेरा हाथ तो है
ठोकरें खा के मेरे साथ संभलने वाले
मेरे ख़्वाबों को................................

साथ में तू है अगर मेरे, मुझे क्या गम है
तेरा हमराह हूँ , ये मेरे लिए क्या कम है
मेरे गीतों पे मेरे साथ मचलने वाले
मेरे ख़्वाबों को................................


************************

एक गीत तुम्हारे आने का, एक गीत तुम्हारे जाने का
एक गीत तुम्हारे रोने का , एक गीत तुम्हारे गाने का
एक गीत लिखा है खुशियों का, एक गम का गीत लिखा मैंने
एक गीत लिखा है मधुबन का , एक गीत लिखा वीराने का

*************

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3

एक प्यार के सवाल पर

एक प्यार के सवाल पर, घबरा गए क्यूँ तुम
नज़रें उठा के देखिये शर्मा गए क्यूँ तुम
दांतों में होंठ भींच गए, चेहरा हुआ गुलाल
ऐसा भी क्या सवाल था भरमा गए क्यूँ तुम
एक प्यार के.............................................



लो छोड़ दिया हमने सवालात पूछना
करे तुमको परेशां जो ऐसी बात पूछना
लेकिन है एक सवाल अगर दे सको जवाब
मेरे दिल--दिमाग पर यूँ छा गए क्यूँ तुम
एक प्यार के........................................



पहली नज़र में कर लिया था आपको पसंद
पहले सवाल पर लिखा है आप पर ये छंद
वो हुस्न था शबाब था या सादगी या शर्म
थी कौन सी अदा वो मुझे भा गए क्यूँ तुम
एक प्यार के.....................................
*********************



मेरी मधुर कल्पना की उड़ान का गान प्राण तुम हो
मेरे मृदु सपनों की अजान मूर्तिमान प्राण तुम हो
तुम सहगामिनी मेरे जीवन पथ की जगती पर
जो संजो रखा था मैंने एक अरमान प्राण तुम हो
3

प्यार है तुमसे

प्यार है तुमसे कुछ भी चाहिए
यकीं हो तो हमें आजमाइए
एक तुम्हारा दिल हमारी आरजू
बदले में ये दिल मेरा ले जाइए
प्यार है तुमसे ....................
प्यार के दो बोल हमसे बोलिए
और दिल के भेद सारे खोलिए
हम तुम्हारे हैं तुम्हारे साथ हैं
जाने मन अब और शर्माइये
प्यार है तुमसे......................
सब्र की हद हो गई है अब सनम
अब करोगे प्यार हमसे कब सनम
गुमसुमी से बात बन पाएगी
बेधड़क हो आज कुछ फरमाइए
प्यार है तुमसे...........................
*********************
जुबाँ को भी तो दो मौका
कहे कुछ दास्ताँ अपनी
निगाहें हाल सारा ,कह नहीं सकतीं
तड़पने का.
0

कोई ख्वाहिश

कोई ख्वाहिश, कोई उम्मीद, कुछ अरमान बाकी है
रहेगा कुछ कुछ बाक़ी, ये जब तक जान बाक़ी है
कोई ख्वाहिश.....................................................

हजारों मिल चुके ,बिछुडे हजारों, मुझ से मिल मिल कर
हजारों की मगर मुझ से अभी, पहचान बाकी है
कोई ख्वाहिश....................................................

कोई नगमा नया फूटेगा , दिल की वादियों में से
कोई तो ख्वाब सच होकर , हमारे सामने होगा
की सूने घर में आना,एक नया मेहमान बाक़ी है
कोई ख्वाहिश .................................................

सदा उसको कहाँ से दूँ , पुकारूँ मैं उसे कैसे
नज़र के सामने मेरे, कभी एक बार वो आए
मैं उसको जानता हूँ ,मुझसे जो अनजान बाकी है
कोई ख्वाहिश................................................
-----------------


कल्पना से भी मधुर तुम
और स्वप्न से तुम मधुरतम
तुम सत्य और समक्ष
क्या ये भी स्वप्न है.
0

कुछ रोज़

कुछ रोज़ पिया से जुदा रही
और रहकर के अब जान गई हूँ
दर्द विरह का क्या होता है
नींद आँख से उड़ती है क्यूँ
बेचैनी शब् भर रहती है
करवट बदल-बदल कर व्याकुल
रात को प्रेमी क्यूँ रोता है
क्यूँ आती है याद किसी की
क्यूँ भाति है अदा किसी की
प्रेम की खातिर पागल प्रेमी
अपना सब कुछ क्यूँ खोता है
अपने पी के पास चलूंगी
अपने पी के के साथ चलूंगी
कोई रोके कोई टोके
होने दो अब जो होता है
***************
जब चांदनी धरती पे उतरी थी क्षितिज के छोर से
चाँद चुपके चुपके निकला बादलों की कोर से
एकांत में सहसा तुम्हारी याद मुझको गई
शीतल हवा भूला हुआ वह गीत फिर दोहरा गई
2

मैं आ जाऊँगा....

जब तू मुझको याद करेगी
मिलने की फरियाद करेगी
तेरे दिल की पुकार सुनकर रुक ना पाऊंगा
मैं जाऊँगा.........................
जब तू मुझको........................

कभी स्वप्न में मुझे बुलाकर
बात करेगी मुझसे जी भर
कोई बात जब तुझे स्वप्न में ना कह पाऊंगा
मैं जाऊँगा...........................
जब तू मुझको........................

जब सखियों में बैठ अकेली
बात करेगी उनसे मेरी
तब शब्दों का रूप बना ये गीत सुनाऊंगा
मैं जाऊँगा.......................
जब तू मुझको........................


**************

गज़ब हुआ की तेरे लब पे मेरा नाम आया
सुकून दिल को मिला रूह को आराम आया
लम्हा भर को ही सही याद तो हमको किया
इस बहाने ही सही ये तेरा पैगाम आया
1

मुझे कोई बुला रहा है

मुझे कोई बुला रहा है
स्वप्न जगत में दूर कहीं मैं खोया-खोया सा था
अज्ञात वास से आकर, मुझे जगाकर , कोई सुला रहा है
मुझे कोई बुला रहा है............
वियोग नहीं संयोग नहीं , हास नहीं परिहास नहीं
अंतर्मन में फूट पड़ी हैं किसकी यादें
अश्रु छलकते नहीं हैं फिर भी मुझे कोई रुला रहा है
मुझे कोई बुला रहा है...............
यह स्वर हीन संदेसा मैंने कैसे पाया नहीं जानता
इस झूले पर निज प्रयत्न से झूल रहा हूँ नहीं मानता
जीवन-मृत्यु के झूले पर मुझे कोई झुला रहा है
मुझे कोई बुला रहा है.........................
**********************
गा ना सकूंगा आज मुझे क्षण भर रोने दो
आज व्यथित, स्वप्न बीच में टूट गया है
चलते चलते पथ का साथी छूट गया है
पा ना सकूंगा आज मुझे सब कुछ खोने दो
गा ना सकूंगा आज मुझे क्षण भर रोने दो
1

मुझसे है गर

मुझसे है गर प्यार तुम्हें तो मेरे पास चले आओ
दिल में है इकरार तुम्हें तो, मेरे पास चले आओ
रुक नहीं सकता दीवाना प्यार की सुनकर पुकार
रुक नहीं सकता वो चाहे पथ में हों कांटे हज़ार
रुक नहीं सकता ज़माने के सितम के सामने
जिसको दीवाना बनाया आशिकी के नाम ने
मुझसे है गर प्यार.....................................
एक जन्म क्या सैकडों जन्मों सब्र करना पड़े तो
एक मृत्यु क्या हजारों मौत भी मरना पड़े तो
रोक पाया कौन दो अतृप्त रूहों का मिलन
जिनको दीवाना बनाया प्यार के एक जाम ने
मुझसे है गर प्यार.....................................
रुक नहीं सकती है राधा सुन मोहन की बांसुरी
रुक नहीं सकती हों पग में लाख जंजीरें पड़ीं
कब डराया है उसे प्यार के अंजाम ने
जिसको दीवाना बनाया कृष्ण के पैगाम ने
मुझसे है गर प्यार......................................
**************
मेरे गीतों की दुनिया में अनूठा गीत बनकर
मेरे स्वप्नों की दुनिया में अनूठा मीत बनकर
गए तुम ह्रदय का संगीत बनकर
0

कुछ तो कर

कुछ तो कर ऐसा खुदाया उनके साथ
डर के वो आ जाएँ मेरी बांहों में
राह भटका दे उन्हें वो भूल से
ख़ुद-ब-ख़ुद आ जाएँ मेरी राहों में

कुछ तो कर..............................

चलते चलते रुक रहे उनके कदम
लग रही है मेहंदी उनके पाँव में
पांवों में उनके ना छले पड़ सकें
आने देना उनको ठंडी छाओं में

कुछ तो कर..........................

उनका पत्थर दिल पिघल जाए खुदा
भर असर ऐसा मेरी भी आहों में
फूल बरसायें बहारें झूमकर
जश्न हो जाए मेरे भी गाँव में

कुछ तो कर.............................


********************


जाने कौन ज़माना हो कल, जाने कहाँ ठिकाना हो
मिलने को ना तरस जाएँ हम आज ही हमसे मिल जाओ
गर्ज़ नहीं हमसे ग़र कोई बेशक कोई बहाना हो
मतलब तो है मिल जाने से आज ही हमसे मिल जाओ


0

भूल जा

तुझे किसी से प्यार हुआ था भूल जा
आंखों से आंसू मत बरसा
आंखों ने ही उसे छुआ था भूल जा
यही सोच ले स्वप्न एक था टूट गया
एक परदेसी तुझको पथ में लूट गया
उस पथ में मत जा
जिसमें उसका दीदार हुआ था, भूल जा
अब उसकी यादों का निशान मिटा दे तू
अब अपने सपनों को नै जुबान दे तू
मत देख स्वप्न वो
जिस पर वज्र प्रहार हुआ था, भूल जा
*************************
पास आकर भी पास ना सके
हाल--दिल आपको सुना सके
मुस्कुराने की बात क्या कीजे
अश्क पलकों से एक गिरा ना सके
1

ना मुझे

ना मुझे किसी का है इंतज़ार
ना है दिल मेरा अब बेकरार ,
किसी के वास्ते
जो कभी मिले थे करीब से
वो बिछुड़ गए हैं नसीब से
हैं जुदा-जुदा अब रास्ते
क्या हुआ, कैसे हुआ
किसने इनको छुआ
टूटे वो रिश्ते सभी जो खास थे
अब तो केवल याद बाकी
रह गई दीदार की
गीत ही है अब निशानी
प्यार की
वक्त- शाम है
बैठे हैं हम
उदास से
****************
किसी के ख्यालों में ख़ुद को भुलाकर
मैं गाता हुआ कुछ कहे जा रहा हूँ
ये टूटा हुआ दिल ना शीशा बने फिर
मैं टुकडों के टुकड़े किए जा रहा हूँ
0

क्यों?

आज क्यूँ याद मुझे रह-रह के तेरी आती है
सामने मेरे तेरी तस्वीर -सी खिंच जाती है
एक रस्ते पे कभी हम साथ चले थे लेकिन
याद करके वो समां आँख क्यूँ भर आती है
हो जुदा तुझसे बहुत दूर निकल आया हूँ
बेखबर हूँ ख़ुद से , तुझको ना भुला पाया हूँ
कल से अब तक की इन्हीं यादों में खोया सोचूं
कैसे पल में साड़ी दुनिया क्यूँ बदल जाती है
दर्द सीने में लिए आँख में आंसू भरकर
भूल जाने की तुझे कोशिश जो कभी करता हूँ
और भी ज़्यादा क्यूँ खो जाता हूँ बीते पल में
और ज़्यादा क्यूँ मुझे याद तेरी आती है
**********************
नयन से अश्रु झरे जब
तब ह्रदय से गीत फूटा
लय स्वयं ही बन गई जब
चांदनी में स्वप्न टूटा
0

किसे खोजता हूँ?

किसे खोजता हूँ मैं कबसे भटकता
किसके लिए मेरा दिल है दीवाना
कहाँ खो गई वो कहाँ से बिछुड़ कर
है ये राज़ अब तक जो मैंने ना जाना
वादा किसी से कभी कुछ किया था
अब भी है चाहत उसी से मिलन की
निभाया है हमने तो अपना ये वादा
उसको भी है अपना वादा निभाना
बहुत देर कर दी कहाँ छिप गई वो
प्रतीक्षा में हमने तो बरसों बिताये
मिलेंगे उसी से गँवा कर ये जाँ भी
मिलने ना दे हमको चाहे ज़माना
कभी कल्पना में कभी ख्वाब बनकर
वो आई मेरी जिंदगी में हमेशा
इसी आस पर जी रहा हूँ अभी तक
वो अब रही है उसे अब है आना
************************
कच्चे धागे से बंधे चले आयेंगे हुज़ूर कच्चे धागे से
प्यार के नशे में चले आयेंगे हुज़ूर भागे-भागे से
ये प्यार का बंधन है ना तोड़ सका कोई
इस बहते दरिया को ना मोड़ सका कोई
एक बार प्यार करके ना छोड़ सका कोई
नींद उड़ जायेगी , तब आयेंगे हुज़ूर जागे जागे से