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जान ही जाओगे

जान ही जाओगे हमको एक दिन
मान ही जाओगे हमको एक दिन
क्यूँ ख्यालों में जिया करते हैं हम
क्यूँ सवालों में जिया करते हैं हम
बांटते हैं क्यूँ ख़ुशी सबके लिए
आप प्यालों में पिया करते हैं गम

दे रखा है हमको ईश्वर ने बहुत
कोई ख्वाहिश और अब बाकी नहीं
प्यास पूरी कर सके जो प्यार कि
दुनिया में ऐसा कोई साकी नहीं
प्यार ही है अब हमारी जिंदगी
प्यार ही है अब हमारा एक धरम

राज़ कि है बात एक हमसे सुनो
मत जियो तुम सिर्फ अपने वास्ते
गैर भी भटका हुआ है गर कहीं
बढ़के उसको भी दिखाओ रास्ते
जीत लो नफरत को उसकी प्यार से
जो जायेगा तुम पर भी अल्लाह का करम

जो मिला है उतने में ही सब्र कर
भूल जा जो खो गया उस प्यार को
चल रहा जो साथ उसके साथ चल
छोड़ कर दुनिया को इस संसार को
मुस्कुरा के काट दे ये जिंदगी
अब ना देखूं मैं तेरी ये आँख नम

वासना को साधना में बदल कर
साधिका तू ध्यानकर नन्दलाल का
राख का है ढेर ये माती कि काया
तोड़ दे अब मोह तू इस खाल का
कृष्ण कि वंशी तुझे देती सदा
आ भी जा अब तोड़ कर सारा भरम

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तू और मैं


तू नश्वर है
मैं अमर हूँ
तू पृथ्वी है
मैं दिनकर हूँ
तू पक्षी है
मैं तरुवर हूँ
तू बदल है
मैं अम्बर हूँ
तू पतझड़ है
मैं सदाबहार हूँ
तू देह है
मैं आत्मा कि पुकार हूँ.


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