4

एक दिन

रह ना सकोगे दूर ह्रदय से तुम कितनी भी दूर रहो
पास नहीं आते ना आओ , बेशक यूँ मगरूर रहो

एक दिन तो तुम्हें मेरी भी याद सताएगी
बैठोगे अगर तनहा तो तुमको रुलाएगी . एक दिन............

वो बीते हुए लम्हे जो साथ मेरे गुजरे
ख़्वाबों की शकल लेकर, पलकों में समायेंगे
वो प्यार भरे नगमे जो साथ मेरे गाये
दे दे के सदा तुमको नींदों सर जगायेंगे
जब चांदनी सीने में एक आग लगायेगी. एक दिन...............

जब रात यूँही सारी पलकों में गुजारोगे
बहते हुए अश्कों को आँचल में उतारोगे
कुछ बोल ना पाओगे पर दिल से सदा देकर
मौन की भाषा में फिर मुझको पुकारोगे
तब रूह मेरी तुमको , सीने से लगायेगी
एक दिन........................................................

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किसी के ख्यालों में खुद को भुलाकर
मैं गाता हुआ कुछ कहे जा रहा हूँ
ये टूटा हुआ दिल ना शीशा बने फिर
मैं टुकडों के टुकड़े किये जा रहा हूँ.




3

देखते देखते..............................

देखते-देखते हम बदल जायेंगे,
तुम बदल  जाओगे
सब बदल जायेंगे.  देखते देखते.........
देखते देखते.......................

होके तुमसे जुदा जाने कब फिर मिलें
ना ये तुमको पता ना ये हम जानते
कारवां तो रहेगा यही मेरे दोस्त
हम बदल जायेंगे तुम बदल जाओगे
सब बदल जायेंगे , देखते देखते....................
देखते देखते........................

जिंदगी की डगर में  अचानक अगर
आप हमसे मिले , देख लेना मगर
बदलेगा ये जहाँ, औ जमीं साथ में
हम बदल जायेंगे तुम बदल जाओगे
सब बदल जायेंगे , देखते देखते
देखते देखते..........................


प्यार की रात है, प्यार की बात है
प्यार की आज तुमको ये सौगात है
प्यार बदले नहीं हो अगर दिल में प्यार
ये बदलता नहीं गौर कर मेरे यार
हाँ गुजरने को ये दिन गुजर जायेंगे,
हम बदल जायेंगे तुम बदल जाओगे
सब बदल जायेंगे , देखते देखते,
देखते देखते..............................

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जिंदगी का यकीं कैसे करूँ
बेवफा बावफा नहीं होती
मौत आएगी उसको आना है
वो वफादार है हमेशा से
3

याद

याद याद बस, याद याद बस, याद याद बस याद
दिल में तेरी याद और है लब पर ये फरियाद

घर दफ्तर में और सफ़र में
हर पल  तू ही तू है नज़र में
चली गई तू मगर  गई ना
दिल से तेरी याद .          याद याद .....................

दिल उजड़ा है घर उजड़ा है
धरती और अम्बर उजड़ा है
उजड़ा मेरा जहाँ, कहाँ तक
होगा ये बर्बाद.             याद याद.......................

थक गया सदायें दे देकर
तुझे मन मन कर मैं हारा
पिघला नहीं अभी तक तेरा
दिल है या फौलाद .     याद याद.........................

दीवाना हो गया तेरा
परवाना हो गया तेरा
तन-मन मेरा फूँक दे मुझको
कर दे अब आज़ाद...............याद याद.............

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तेरे ख़याल को दिल से भुला नहीं सकता
सदायें दे के भी तुझको बुला नहीं सकता
वफ़ा की राह में मजबूर इस कदर हूँ मैं
यकीं वफ़ा का भी अपनी दिला नहीं सकता


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4

मैं खुद को रोक नहीं पाता हूँ

मैं खुद को रोक नहीं पाता हूँ
तेरी और खिंचा आता हूँ

कोई चुपके से आ मुझसे , कानों में कुछ कह जाता है
मेरा तुझसे जनम जनम का प्यार का ये पावन नाता है
एकाकी होकर भी, तुझको, बहुत निकट अपने पाता हूँ
मैं खुद को रोक नहीं  पाता हूँ .................................


निकट तेरे आकर भी मेरे, मन की प्यास नहीं बुझती है
तुझसे मिलन नहीं होता जब पीर और ज्यादा उठती है
नहीं मिलूंगा कभी मैं तुझसे बार बार क़समें खाता हूँ
मैं खुद को रोक नहीं पाता हूँ ......................................



विरह पीर उठते ही दिल में, मेरा वियोगी मन रोता है
थका थका सा प्यार सुनहरे , सपनों की लाशें ढोता है
किसकी खातिर , कैसे इतना,दर्द, प्रिये, मैं सह जाता हूँ 
मैं खुद को रोक नहीं  पाता हूँ .................................

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कच्चे धागे से बंधे चले आयेंगे हुज़ूर कच्चे धागे से
प्यार के नशे में चले आयेंगे हुज़ूर भागे भागे से
ये प्यार का बंधन है , ना तोड़ सका कोई,
इस बहते दरिया को ना मोड़ सका कोई
एक बार प्यार करके ना छोड़ सका कोई
नींद उड़ जायेगी , तब आयेंगे हुज़ूर जागे जागे से.


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9

मेरे ख़्वाबों को..................................

मेरे ख्वाबों को हकीकत में बदलने वाले
मेरे हमराज़ मेरे साथ में चलने वाले

हमसफ़र साथ में चलना ना कहीं खो जाना
मेरे अपने, तू कहीं गैर नहीं हो जाना
प्यार की लौ में मेरे साथ में जलने वाले
मेरे ख़्वाबों को..................................

दूर मंजिल है तो क्या , तू है तेरा साथ तो है
मेरे हाथों में मेरे दोस्त तेरा हाथ तो है
ठोकरें खा के मेरे साथ संभलने वाले
मेरे ख़्वाबों को................................

साथ में तू है अगर मेरे, मुझे क्या गम है
तेरा हमराह हूँ , ये मेरे लिए क्या कम है
मेरे गीतों पे मेरे साथ मचलने वाले
मेरे ख़्वाबों को................................


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एक गीत तुम्हारे आने का, एक गीत तुम्हारे जाने का
एक गीत तुम्हारे रोने का , एक गीत तुम्हारे गाने का
एक गीत लिखा है खुशियों का, एक गम का गीत लिखा मैंने
एक गीत लिखा है मधुबन का , एक गीत लिखा वीराने का

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3

एक प्यार के सवाल पर

एक प्यार के सवाल पर, घबरा गए क्यूँ तुम
नज़रें उठा के देखिये शर्मा गए क्यूँ तुम
दांतों में होंठ भींच गए, चेहरा हुआ गुलाल
ऐसा भी क्या सवाल था भरमा गए क्यूँ तुम
एक प्यार के.............................................



लो छोड़ दिया हमने सवालात पूछना
करे तुमको परेशां जो ऐसी बात पूछना
लेकिन है एक सवाल अगर दे सको जवाब
मेरे दिल-ओ-दिमाग पर यूँ छा गए क्यूँ तुम
एक प्यार के........................................



पहली नज़र में कर लिया था आपको पसंद
पहले सवाल पर लिखा है आप पर ये छंद
वो हुस्न था शबाब था या सादगी या शर्म
थी कौन सी अदा वो मुझे भा गए क्यूँ तुम
एक प्यार के.....................................
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मेरी मधुर कल्पना की उड़ान का गान प्राण तुम हो
मेरे मृदु सपनों की अजान मूर्तिमान प्राण तुम हो
तुम सहगामिनी मेरे जीवन पथ की जगती पर
जो संजो रखा था मैंने एक अरमान प्राण तुम हो
3

प्यार है तुमसे

प्यार है तुमसे न कुछ भी चाहिए
न यकीं हो तो हमें आजमाइए
एक तुम्हारा दिल हमारी आरजू
बदले में ये दिल मेरा ले जाइए
प्यार है तुमसे ....................
प्यार के दो बोल हमसे बोलिए
और दिल के भेद सारे खोलिए
हम तुम्हारे हैं तुम्हारे साथ हैं
जाने मन अब और न शर्माइये
प्यार है तुमसे......................
सब्र की हद हो गई है अब सनम
अब करोगे प्यार हमसे कब सनम
गुमसुमी से बात न बन पाएगी
बेधड़क हो आज कुछ फरमाइए
प्यार है तुमसे...........................
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जुबाँ को भी तो दो मौका
कहे कुछ दास्ताँ अपनी
निगाहें हाल सारा ,कह नहीं सकतीं
तड़पने का.
0

कोई ख्वाहिश

कोई ख्वाहिश, कोई उम्मीद, कुछ अरमान बाकी है
रहेगा कुछ न कुछ बाक़ी, ये जब तक जान बाक़ी है
कोई ख्वाहिश.....................................................

हजारों मिल चुके ,बिछुडे हजारों, मुझ से मिल मिल कर
हजारों की मगर मुझ से अभी, पहचान बाकी है
कोई ख्वाहिश....................................................

कोई नगमा नया फूटेगा , दिल की वादियों में से
कोई तो ख्वाब सच होकर , हमारे सामने होगा
की सूने घर में आना,एक नया मेहमान बाक़ी है
कोई ख्वाहिश .................................................

सदा उसको कहाँ से दूँ , पुकारूँ मैं उसे कैसे
नज़र के सामने मेरे, कभी एक बार वो आए
मैं उसको जानता हूँ ,मुझसे जो अनजान बाकी है
कोई ख्वाहिश................................................
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कल्पना से भी मधुर तुम
और स्वप्न से तुम मधुरतम
तुम सत्य और समक्ष
क्या ये भी स्वप्न है.
0

कुछ रोज़

कुछ रोज़ पिया से जुदा रही
और रहकर के अब जान गई हूँ
दर्द विरह का क्या होता है
नींद आँख से उड़ती है क्यूँ
बेचैनी शब् भर रहती है
करवट बदल-बदल कर व्याकुल
रात को प्रेमी क्यूँ रोता है
क्यूँ आती है याद किसी की
क्यूँ भाति है अदा किसी की
प्रेम की खातिर पागल प्रेमी
अपना सब कुछ क्यूँ खोता है
अपने पी के पास चलूंगी
अपने पी के के साथ चलूंगी
कोई रोके कोई टोके
होने दो अब जो होता है
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जब चांदनी धरती पे उतरी थी क्षितिज के छोर से
चाँद चुपके चुपके निकला बादलों की कोर से
एकांत में सहसा तुम्हारी याद मुझको आ गई
शीतल हवा भूला हुआ वह गीत फिर दोहरा गई
2

मैं आ जाऊँगा....

जब तू मुझको याद करेगी
मिलने की फरियाद करेगी
तेरे दिल की पुकार सुनकर रुक ना पाऊंगा
मैं आ जाऊँगा.........................
जब तू मुझको........................

कभी स्वप्न में मुझे बुलाकर
बात करेगी मुझसे जी भर
कोई बात जब तुझे स्वप्न में ना कह पाऊंगा
मैं आ जाऊँगा...........................
जब तू मुझको........................

जब सखियों में बैठ अकेली
बात करेगी उनसे मेरी
तब शब्दों का रूप बना ये गीत सुनाऊंगा
मैं आ जाऊँगा.......................
जब तू मुझको........................


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गज़ब हुआ की तेरे लब पे मेरा नाम आया
सुकून दिल को मिला रूह को आराम आया
लम्हा भर को ही सही याद तो हमको किया
इस बहाने ही सही ये तेरा पैगाम आया